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WIFE से पाना है छुटकारा तो काशी के इस घाट पर संग करें स्नान

 Anurag Tiwari |  2016-11-08 11:21:25.0

Varanasi, Narad Ghat, Husband, Wife, Divorce, Lord Shiva

तहलका न्यूज वेब टीम

अक्सर मियां बीवी के के झगड़ों को लेकर किस्से कहानियां और चुटकुले बनते रहते हैं. यहां तक कि कई मर्दों ने मिलक पत्नी पीड़ित संघ तक बना डाला है. हम आपको भगवान शिव की नगरी काशी के एक ऐसे  घाट के बारे में बता रहे हैं, जहां के बारे में मान्यता है कि अगर पति-पत्नी साथ इस घाट पर स्नान कर लें तो उनके बीच अलगाव हो जाता है.

काशी के 84 घाटों में से एक है नारद घाट जिसे पूर्व काल में कुवाई घाट कहा जाता था. कालांतर में इस घाट का नाम बदलकर नारद घाट हो गया. इस घाट के बारे में प्रचलित किंवदंती है कि अगर शादीशुदा लोगों ने यहां स्नान कर लिया तो पति-पत्नी के बीच मन-मुटाव या हमेशा के लिए रिश्ता खत्म हो जाना निश्चित है.  इसीलिए इसे कुछ लोग ‘पत्नी-मुक्ति’ घाट के नाम से भी जानते हैं.


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ऐसा क्यों होता है, इस बारे में कोई ख़ास जानकारी किसी के पास नहीं है, लेकिन जब भी कोई यहां स्नान करने आता है, तो यहां बैठे पुरोहित उस व्यक्ति को आगाह जरूर करते हैं. हालांकि ऐसा क्यों होता है, इसके बारे में कोई खास जानकारी नहीं है. लेकिन जो भी पति-पत्नी घाट के पास से गुजरते हैं तो पुरोहित उन्हें पहले से ही अगाह कर देते हैं।

नारद घाट का निर्माण दत्तात्रेय स्वामी ने करवाया था. इस घाट को परम विष्णु भक्त नारद मुनि के नाम से जाना जाता है.  नारद घाट को पहले कुवाईघाट के नाम से जाना जाता था.  उन्नीसवीं सदी के बीच में इस घाट पर नारदेश्वर (शिव) मंदिर का निर्माण करवाया गया, जिसके बाद इसका नाम नारद घाट पड़ गया. माना जाता है कि नारदेश्वर शिव की स्थापना देवर्षि नारद ने की थी.

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