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बेनी की हुई घर वापसी, राज्यसभा टिकट के वादे के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल

 Tahlka News |  2016-05-13 07:34:46.0

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तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
लखनऊ:
कांग्रेस के सीनियर लीडर और पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने शुक्रवार को अपने पुुराने सहयोगी का दामन थामते हुए समाजवादी पार्टी ज्‍वाइन कर ली। साथ ही पूर्व समाजवादी और बेसिक शिक्षा मंत्री रहे किरण पाल सिंह ने भी सपा ज्वाइन किया।

बता दें कि किरणपाल पश्चिम यूपी के बड़े जाट नेता माने जातेे हैं। वे सपा छोड़ कर लोकदल में शामिल हुए थे, लेकिन आज उन्होंने वापस सपा ज्‍वाइन कर लिया।


सपा में शामिल होनेे पर बेनी ने कहा-
मैं दो साल से सपोकेशन में था
इस समय मेरे पास कोई काम नहीं था
राहुल-सोनिया का आभार उन्‍होंने मुझे सम्‍मान दिया, लेकिन कांग्रेसी कल्‍चर में मैं अपने को एडजेस्‍ट नहीं कर पा रहा था
चुनाव में खुद को अखिलेश के विरोध के लिये किसी भी स्थिति में तैयार नहीं हूं
घर में लड़ाई भी होेती है और सुलह भी होती है
मुलायम सिंह यादव मेरे बड़े भाई हैं
मुलायम से पारिवारिक रिश्ते हैं
मुलायम पर दिए गए बयानों को भूल जाओ,नई शुरुआत में पुरानी बातों को भूला जाता है

मुलायम ने कहा-
समाजवादी पार्टी जब बनाने का एलान किया था तब बेनी सोसलिष्ट पार्टी चला रहे थे तब किरणमय नंद को ज्योति बासु ने कहा की यहाँ जाओ
सपा पार्टी बनाने में आजम और बेनी की बड़ी भूमिका
बेनी ने नाम दिया था समाजवादी पार्टी
पार्टी का संविधान आजम ने लिखा था
बेनी का स्‍वागत करना बहुत जरूरी है देश मेंं संदेश जाएगा
अखिलेश ने देश में यूपी को बनाय नंबर 1
मुसलमानों की उपेक्षा हो रही है
सपा सरकार उन्‍हें सम्‍मान दिलाया
बेनी हमारे बहुत पुराने साथी है, जेल में मुझे ढूंढने आए थे बेनी प्रसाद
मेरे सारे राजनैतिक निर्णयों में वर्मा जी साथ थे
बेनी ने मेरे सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं किया,पार्टी छोड़ने से पहले बेनी मिलकर गए थे
अखिलेश ने प्रदेश में बहुत काम किया है, चुनाव से पहले एक्सप्रेस-वे, मेट्रो को शुरू करो
बुरे वक्त में हमारे साथ थे आजम खां, बेनी के पार्टी छोड़ने के वक्त एहसास नहीं हुआ
अच्छे कामों को भी मीडिया दिखाए, आजम खां ने मेहनत और संघर्ष किया

कैबिनेट मंत्री ने आजम खां ने कहा
इस मौकेे पर आजम खान ने कहा कि ये शुभ घड़ी है जब सपा बनी थी और इनमे जो जिंदा बचे है उनमें हम और नेता जी जिंदा हैं। आजम ने कहा कि बेनी के खिलाफ नेताजी ने कभी कुछ नहीं कहा। मैं नेता जी का हाथ मलके अपनी जायज मांगे मनवा लेता हूं। बेनी के शामिल होने से नेता जी खुश और हम भी खुश और जनता भी खुश। बेनी के सपा में शामिल होने से एक बड़ा संदेश जायेगा पूरा प्रदेश में आप आये बहार आई। साथ ही आजम ने कहा कि प्रोफेसर किरणपाल बहुत पुराने साथी हैं, शरीफ हैं कभी-कभी शराफत में खता हो जाती है। और उसकी सजा भी कड़ी होती है। आपकी वापसी हमे खुशी देगी।

इस मौके पर किरणपाल ने कहा कि मेेरी राजनीतिक विरासत नेता जी की है। नेता जी ने बुला लिया, हम अपने परिवार मेंं आ गये।

शिवपाल ने कहा 
ये लोग दूसरी पार्टी में रहते हुए भी परिवार के साथ ही थे।
बेनी के आने से बहुत खुशी, बेनी से फोन पर कई बार बातचीत हुई
हम दिल से इन्‍हें अपना मानते हैं। बेनी मुलायम समेत सबका हाल-चाल लेते रहते थे।
बेनी से मेरी मुलाकात होती रहती थी,बेनी, किरण कभी भी हमसे अलग नहीं थे।

अखिलेश बोले- 
यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने कहा, 'पुरानी किताबें, पुरानी वाइन और पुराने दोस्त भुलाए नहीं जाते हैं। बेनी जी के आने से पार्टी को दिशा और नई ताकत मिलेगी।'

कहा जा रहा है कि समाजवादी पार्टी की ओर से उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई और राज्यसभा का टिकट ऑफर किया गया।

जानकारों की मानें तो समाजवादी पार्टी 2017 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है। वह यादवों का भला वाली इमेज को छोड़ना चाहती है, इसीलिए अलग-अलग जाति के लोगों को राज्यसभा का टिकट दिया जा सकता है।

जानकारों की माने तो बेनी प्रसाद वर्मा को सपा मे लाने का मुख्‍य कारण कुर्मी वोट है। सूत्रों के मुताबिक उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है। इसका एक बड़ा कारण कुर्मी वोट बैंक भी है। जिस तरह से बिहार में नीतीश कुमार ने कुर्मी वोट बैंक को अपने पक्ष में कर लिया, ऐसा ही कुछ मुलायम सिंह यादव की पार्टी उत्तर प्रदेश में करना चाहती है। इसके अलावा पार्टी किसी एक ब्राहम्ण चेहरे को भी राज्यसभा का टिकट दे सकती है।
पुराने समाजवादी नेता हैं बेनी

-बेनी संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर पहली बार 1974 में बारांबकी के दरियाबाद से विधानसभा चुनाव लड़े और जीते।
-मुलायम सिंह यादव के साथ चौधरी चरण सिंह के संरक्षण में अपनी पहचान मजबूत और जुझारू नेता के रूप में बनाई।
-संयुक्त मोर्चा सरकार में मुलायम सिंह रक्षा मंत्री बने और बेनी प्रसाद वर्मा संचार मंत्री थे।
-बाद में मुलायम सिंह यादव के साथ दूरी बन गई। 2007 में सपा से अलग होकर समाजवादी क्रांति दल नामक पार्टी बनाई।

2009 से कांग्रेस के साथ


-अगले विधानसभा चुनाव में वह और उनकी पार्टी के सभी उम्मीदवार हार गए।

-राजनीतिक रूप से खुद को अप्रासंगिकता होने से बचाने के लिए 2009 में लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से जुड़े।

-बताया जाता है कि खुद राहुल गांधी ने उन्हें पार्टी से जोड़ा था। वह बेनी के सहारे यूपी कांग्रेस में जान फूंकना चाहते थे।
-2009 के लोकसभा चुनाव में गोंडा सीट से एमपी बने। पहले राज्यमंत्री और बाद में केंद्रीय मंत्री बने।



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