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आजमगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा है

 Sabahat Vijeta |  2016-03-27 16:35:46.0


  • आजमगढ़ जनपद के संगीत, बुनकरी व पाॅटरी से ताल्लुक रखने वाले तीन गांवों हरिहरपुर, मुबारकपुर और निजामाबाद को राज्य सरकार लगातार प्रोत्साहन दे रही है ताकि इन क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से पूरा महत्व मिले: यासर शाह

  • प्रदेश के कई जनपद कला, संस्कृति और हस्तशिल्प के क्षेत्रों में खास मुकाम रखते हैं

  • राज्य सरकार द्वारा सांस्कृतिक विरासत को कायम रखने एवं हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के सभी क्षेत्रों को हर सम्भव मदद दी जाएगी

  • आजमगढ़ महोत्सव के माध्यम से इस जनपद के तीनों गांवों मुबारकपुर, निजामाबाद और हरिहरपुर में मौजूद बुनकरी व पाॅटरी जैसे हस्तशिल्प तथा संगीत को एक प्लेटफाॅर्म मिल गया है: प्रमुख सचिव पर्यटन

  • हरिहरपुर को हेरिटेज प्लेस बनाया जाएगा: नवनीत सहगल

  • राज्य सरकार पूरे प्रदेश में मौजूद विभिन्न हैण्डीक्राफ्ट्स के लिए हैण्डीक्राफ्ट्स ट्रेल पर भी काम करने पर विचार कर रही है: प्रमुख सचिव पर्यटन ‘आजमगढ़ महोत्सव 2016’ का उद्घाटन


sahgal-potryलखनऊ, 27 मार्च. उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) यासर शाह ने कहा कि आजमगढ़ जनपद की अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा है। इस जनपद के संगीत, बुनकरी व पाॅटरी से ताल्लुक रखने वाले तीन गांवों हरिहरपुर, मुबारकपुर और निजामाबाद को राज्य सरकार लगातार प्रोत्साहन दे रही है ताकि इन क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से पूरा महत्व मिले। उन्होंने कहा कि इस प्रदेश के कई जनपद कला, संस्कृति और हस्तशिल्प के क्षेत्रों में खास मुकाम रखते हैं। राज्य सरकार द्वारा सांस्कृतिक विरासत को कायम रखने एवं हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के सभी क्षेत्रों को हर सम्भव मदद दी जाएगी।


परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आज यहां गोमती नगर स्थित पर्यटन भवन के सभागार में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर ‘आजमगढ़ महोत्सव’ का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन करने के उपरान्त अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ जनपद की खूबियों से लोगों को अवगत कराने के उद्देश्य से इस महोत्सव का आयोजन किया जाना सराहनीय है। समाजवादी सरकार ने हमेशा स्थानीय कला, संस्कृति व हस्तशिल्प को बढ़ावा देने का कार्य किया है।


potryश्री शाह ने उम्मीद जाहिर की कि यह महोत्सव आने वाले वर्षों में आजमगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परम्पराओं से लोगों को रूबरू कराने में कामयाब होगा। उन्होंने इस आयोजन के लिए इण्डियन ट्रस्ट फाॅर रूरल हेरिटेज एण्ड डेवलेपमेन्ट तथा प्रदेश के पर्यटन विभाग द्वारा किए जा रहे सम्मिलित प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आजमगढ़ जनपद की सांस्कृतिक और शिल्प सम्बन्धी खूबियां लोगों के सामने अब आने लगी हैं।


श्री शाह ने महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने साड़ी निर्मित करने वाले बुनकरों, पाॅटरी उद्योग से जुड़े हस्तशिल्पियों, कारीगरों तथा विक्रेताओं से बातचीत भी की। उनकी कार्य पद्धति के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए उत्पादों के विपणन के विषय में भी पूछा।


इस अवसर पर इण्डियन ट्रस्ट फाॅर रूरल हेरिटेज एण्ड डेवलेपमेन्ट के अध्यक्ष एस.के. मिश्रा ने कहा कि आजमगढ़ महोत्सव का उद्देश्य यह है कि इस जनपद की पाॅटरी, संगीत और बुनकर कला सिर्फ वहां के गांवों तक न सीमित रहे, बल्कि इनके बारे में सभी को जानकारी प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से इस प्रयास को पूरा सहयोग मिल रहा है, जिसके कारण कारीगरों का उत्साहवर्द्धन हुआ है। इस महोत्सव के माध्यम से उन्हें पूरा एक्सपोजर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ जनपद के तीन गांवों हरिहरपुर, मुबारकपुर और निजामाबाद का टूरिस्ट पोटेंशियल काफी है। उन्होंने कहा कि इन जगहों तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़कों की आवश्यकता है, जिनके निर्माण के उपरान्त यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचने लगेंगे।


इस अवसर पर प्रमुख सचिव पर्यटन नवनीत सहगल ने कहा कि उत्तर प्रदेश का हर जनपद किसी न किसी हस्तशिल्प के लिए मशहूर है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ महोत्सव के माध्यम से इस जनपद के तीनों गांवों मुबारकपुर, निजामाबाद और हरिहरपुर में मौजूद बुनकरी व पाॅटरी जैसे हस्तशिल्प तथा संगीत को एक प्लेटफाॅर्म मिल गया है और अब लोगों को इनकी जानकारी हो गई है। उन्होंने आई.टी.आर.एच.डी. द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस ट्रस्ट ने आजमगढ़ जनपद के इन तीनों गांवों के हस्तशिल्प तथा गायकी को दुनिया के सामने लाने में बहुत मदद की है। उन्होंने क्षेत्र की सड़कों को ठीक करवाने के लिए हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि हरिहरपुर को हेरिटेज प्लेस बनाया जाएगा। राज्य सरकार पूरे प्रदेश में मौजूद विभिन्न हैण्डीक्राफ्ट्स के लिए हैण्डीक्राफ्ट्स ट्रेल पर भी काम करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेल के विकास से हैण्डीक्राफ्ट्स में दिलचस्पी रखने वाले लोग इन क्षेत्रों में पहुंचने लगेंगे, जिससे रूरल क्राफ्ट को काफी बढ़ावा मिलेगा।

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