Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

जौनपुर के अपल को लन्दन मे अवार्ड आफ एक्शलेन्सी मिला

 Vikas Tiwari |  2016-05-23 18:30:03.0

11-1428737689-award
जौनपुर.  हिन्दी भवन संचालन समिति के अध्यक्ष एवं साहित्यकार अजय कुमार के सुपुत्र अपल सिंह को लंदन में समारोह अवार्ड ऑफ ऐक्सीलेंस प्रदान किया गया है। यूके की संस्था गिल्ड आँफ टेलीविजन कैमरामैन का यह प्रतिष्ठिïत सम्मान कैमरा क्षेत्र में दिये जाने वाले सबसे बड़े अन्तरराष्टीय  पुरस्कारों में शुमार है। अन्तरराष्टीय ख्याति के सिनेमैटोग्राफर अपल सिंह को 2016 के लिए अवार्ड ऑफ ऐक्सीलेंस का सम्मान 2015 में बनी डॉक्यूमेन्ट्रीय इंडियाज फ्रंटीयर रेलवेज-द लास्ट ट्रेन टू नेपाल के लिए प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के लिए दुनिया भर से आधा दर्जन डॉक्यूमेन्ट्री फिल्मों को शार्ट लिस्ट किया गया था। लंदन में रविवार की शाम 5 बजे (भारतीय समय के अनुसार आज तड़के ढाई बजे) उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।


यह डॉक्यूमेन्ट्री बीबीसी फोर के लिए बनी थी। बीबीसी ने यह डॉक्यूमेन्ट्री भारत के सीमावर्ती कस्बे जयनगर (बिहार) और नेपाल के जनकपुर के बीच चलने वाले ट्रेन पर बनायी है। इसमें अपल सिंह ने मुख्य कैमरामैन की भूमिका निभाई है। अपल अब तक डाक्यूमेन्ट्री के क्षेत्र में चालीस से अधिक देशों में काम कर चुके हैं। वे बीबीसी,डिस्कवरी,नेशनल ज्योग्राफिक चैनल,एबीसी जैसे संस्थानों के साथ लगातार काम कर रहे है।

द लॉस्ट ट्रेन टू नेपाल में दिखाई गयी ट्रेन दोनों देशों की सीमा पर रहने वाले लोगों की लाइफ लाइन थी। सन् 1932 में अंग्रेजों द्वारा चलायी गयी यह ट्रेन 2014 में घाटे के चलते बन्द हो गयी। आजादी के बाद मुख्य रूप से मंडी व्यापारी और आम लोग इसका उपयोग करते थे। जयनगर (बिहार) और जनकपुर (नेपाल) के बीच चलने वाली इस ट्रेन को चलाने के लिए नेपाल सरकार ने पैसा देना पहले ही बन्द कर दिया था लेकिन इस दुर्गम मार्ग पर विकल्प के अभाव में व्यापारियों द्वारा की जा रही फंडिंग पर यह ट्रेन वर्षाे चली।किराये और माल भाड़े से इस ट्रेन के डीजल सहित रेल कर्मीयो का खर्च चलता रहा है |

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top