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अली जवाद जैदी ने उर्दू अदब का अंग्रेज़ी वालों से परिचय कराया : डॉ. वजाहत रिजवी

 Sabahat Vijeta |  2016-07-23 18:18:34.0

wajahat
तहलका न्यूज़ ब्यूरो


लखनऊ. उर्दू अदब को चालीस किताबें देने वाले अली जवाद जैदी के फन और शख्सियत पर आज जय शंकर प्रसाद सभागार में प्रो. शारिब रुदौलवी की अध्यक्षता में आयोजित सेमीनार में शहर की नामवर हस्तियों ने अपने ख्यालात का इज़हार किया. यह सेमीनार साहित्य अकादमी देहली ने आयोजित किया था.


प्रो. अनीस अशफाक ने इस मौके पर उर्दू अदब को अली जवाद जैदी की बेशकीमती देन पर विस्तार से रौशनी डाली. प्रो. अनीस अशफाक ने अली जवाद जैदी की किताब दो अदबी स्कूल पर खास तौर से रौशनी डाली. उन्होंने कहा कि अली जवाद जैदी ने जो लिखा वह तालीम के मैदान में बहुत अहमियत रखता है.


प्रो. शारिब रुदौलवी ने अली जवाद जैदी पर सेमीनार करने के लिए साहित्य अकादमी का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि उर्दू अकादमी को भी यह काम करना चाहिए. उन्होंने कहा की अली जवाद जैदी तामीरी अदब का नजरिया रखते थे.


नया दौर के सम्पादक डॉ. वजाहत हुसैन रिजवी ने इस मौके पर अली जवाद जैदी पर अपना मक़ाला पेश करते हुए कहा कि अली जवाद जैदी जब सूचना विभाग में आये तो उन्होंने 15 रोज़ा इत्तेलाआत का प्रकाशन शुरू किया. इसमें विभागीय खबरें हुआ करती थीं. बाद में यही बदलकर नया दौर में बदल गया. उन्होंने कहा कि अली जवाद जैदी की सबसे ख़ास बात यह थी कि उन्होंने उर्दू अदब का तार्रुफ़ अंग्रेज़ी वालों से कराया.

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