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DM को गाली देने वाले मंत्री को CM अखिलेश ने क‌िया बर्खास्त, टिकट भी कटेगा

 Girish Tiwari |  2016-06-08 10:56:31.0

[caption id="attachment_86959" align="aligncenter" width="808"]Kuldeep Ujjwal, AKhilesh Yadav, Minsiter, Uttar Pradesh, DPRO DPRO को धमकाने वाले सपा के मंत्री कुलदीप उज्जवल[/caption]

तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
लखनऊ:
सीएम अखिलेश यादव ने फोन पर अफसरों को गाली देने और धमकाने वाले दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री डॉ. कुलदीप उज्ज्वल को बर्खास्त कर दिया है। कुलदीप और डीपीआरओ की बातचीत की रिकार्डिँग वायरल हो गई, इसके बाद ये एक्शन लिया गया। कुलदीप बागपत विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी भी हैं। सूत्रों की माने तो कुलदीप का टिकट भी कट सकता है।


बता दें कि अपनी ही सरकार में अपने कहे अनुसार ग्राम सचिव पद पर दो लोगों की नियुक्ति और ट्रांसफर न होने से गुस्साए राज्य मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन और बागपत विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी डॉ कुलदीप उज्ज्वल ने पूरे जिले के प्रशासनिक सिस्टम को भ्रष्टाचार में लिप्त बता दिया। कुलदीप उज्ज्वल ने डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय को करीब चार दिन पहले रात 11 बजे फोन कर धमकाया था।

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कुलदीप उज्जवल और डीपीआरओ के बातचीत का अंश

कुलदीप उज्जवल : हेलो

डीपीआरओ : जी मंत्री जी

कुलदीप उज्जवल : क्या बात? फोन क्यों काट दिया?

डीपीआरओ : काटा नहीं था। आपने काट दिया था।

कुलदीप उज्ज्वल : ऐसा है डीपीआरओ साहब। मेरा असली रूप नहीं देखा अब तक। ये जो आपका डीएम है न ये सारी ¨जदगी नौकरी करके अब उमर के लास्ट पड़ाव पर डीएम बना है। मैं सोमवार को आ रहा हूं कलक्ट्रेट में। मैं स्टूडेंट लीडर रहा हूं। प्रेसीडेंट रहा हूं। मैं, तुम्हारी, सीडीओ व डीएम तीनों की असलियत बताऊंगा कि तुम कर क्या रहे हो? मेरे पास तुम लोगों का कच्चा चिट्ठा है। मैं समाजवादी पार्टी का कैंडिडेट हूं। मैंने दो लोगों के लिए कहा है केवल। एक मेरे गांव का है और एक के लिए न्याय पंचायत के छह के छह प्रधानों ने मांग की है।

डीपीआरओ : सर मेरे बस का होता तो कब का कर देते..।

कुलदीप उज्ज्वल : अब देखना, ये जो तिवारी है ना डीएम, बता देना कि ये कैसे यमुना का रेत उठवाता है। मेरे पास सबका कच्चा चिट्ठा है। मेरे पास रजिस्टर है। एक आदमी नहीं बच रहा है, जिसका नाम न हो।.. देखना क्या तांडव मचाता हूं। कुलदीप उज्ज्वल एक ईमानदारी, एक सच्चाई का नाम है। जो दलाली नहीं करता जो पैसे नहीं लेता। अगर ये ब्राह्मण यहां से भाग नहीं गया तो कुलदीप उज्ज्वल नाम बदल देना। काफी देर बात के बाद.. शर्म नहीं आई। इसको बताता हूं ये क्या करेगा? इसकी औकात बताता हूं।

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