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अखिलेश ने छोड़ा मुलायम का घर

 Sabahat Vijeta |  2016-10-06 16:39:40.0

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शबाहत हुसैन विजेता


लखनऊ. उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी में आज के राजनीतिक घटनाक्रम चुनावी बिसात को कौन सा मोड़ देंगे यह तो समय बताएगा लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज 5 विक्रमादित्य वाला अपने पिता मुलायम सिंह यादव का घर ख़ाली कर यह सन्देश तो दे ही दिया कि सिर्फ मजाक में नहीं वास्तव में उनके पास वह तुरुप का पत्ता है जिसके बल पर वह यूपी की सत्ता में वापसी करेंगे.


समाजवादी पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की नई सूची आज ही नए प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने जारी की. आज ही कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय हुआ और आज ही अखिलेश यादव ने अपने पिता का घर छोड़ दिया और अपनी पत्नी के साथ मुख्यमंत्री आवास चले गए. इसके निहितार्थ कुछ तो होंगे ही.


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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का विक्रमादित्य मार्ग वाला अपने पिता का आवास परिवार के साथ छोड़ना पूर्व निर्धारित किसी भी सूरत में नहीं हो सकता क्योंकि 4 विक्रमादित्य मार्ग वाला अखिलेश यादव का आवास पूरी तरह से तैयार हो चुका है और कल ही उसका गृह प्रवेश का कार्यक्रम निर्धारित हो चुका है. ऐसे में बिलकुल बगल वाले घर में शिफ्ट होने के बजाय अखिलेश अगर कालिदास मार्ग वाले आवास में शिफ्ट हो रहे हैं तो इसका मतलब तो यही ज़ाहिर करता है कि पार्टी और सरकार अब एक ही ट्रैक पर नहीं हैं.


माफिया सरगना मुख्तार अंसारी के कौमी एकता दल के समाजवादी पार्टी में विलय के शुरू से ही अखिलेश खिलाफ थे. अखिलेश के विरोध की वजह से एक बार विलय के बाद इसे रद्द किया गया था. शिवपाल सिंह यादव कौमी एकता दल के ज़रिये समाजवादी पार्टी का जनाधार मऊ, गाजीपुर और बनारस में बढ़ाना चाहते हैं तो अखिलेश पार्टी की छवि बेदाग़ बनाने और अगला चुनाव विकास के नाम पर जीतना चाहते हैं. सरकार की छवि को बेदाग़ करने के मकसद से ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कुछ मंत्रियों को सरकार से बाहर का रास्ता दिखाया था लेकिन सपा सुप्रीमो के बीच में आ जाने से मुख्यमंत्री को उन्हें फिर से सरकार में शामिल करना पड़ा.


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मुख्यमंत्री की मर्जी के खिलाफ कुछ मंत्रियों की तो वापसी पर फ़ौरन अमल हो गया लेकिन अखिलेश के जिन करीबियों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया उनकी वापसी अब तक नहीं हो पाई.


समाजवादी पार्टी की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा भी आज बड़े गुपचुप अंदाज़ में हुई. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर पार्टी कार्यालय में आज शाम 4 बजे प्रेस कांफ्रेंस कर नई कार्यकारिणी घोषित की. 4 बजे प्रेस को बुलाने का आमंत्रण दोपहर 3 बजकर 37 मिनट पर भेजा गया. 23 मिनट के भीतर जो पत्रकार समाजवादी पार्टी के कार्यालय पहुँच गए वह तो प्रेस कांफ्रेंस में पहुँच गए. बाद में पहुँचने वालों को गेट बंद मिला और बताया गया कि गेट बंद रखने का अन्दर से आदेश है.


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समाजवादी पार्टी के ऑफिस में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भी मुख्य द्वार में ताला नहीं लगता है. खुद शिवपाल सिंह यादव की प्रेस कांफ्रेंस में भी ऐसा पहली बार हुआ है.


सरकार और पार्टी के बीच ऊंची होती दीवार के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोक भवन के उदघाटन के मौके पर दो बातें बहुत स्पष्ट रूप से कहीं थीं. एक तो यह कि इतनी मेहनत से बनाए लोक भवन को समाजवादी ही अपने पास रखेंगे. उन्होंने दूसरी बात चुनाव जीतने के लिए अपने पास तुरुप का पत्ता होने की बात कही थी.


अप्रैल में चुनाव होने हैं. अखिलेश ने आज पिता का घर छोड़ दिया है. आज से परिवार के साथ वह मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री के रूप में रहेंगे. उनके जो करीबी पार्टी से निकाले गए हैं वह पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह अखिलेश को ही फिर मुख्यमंत्री बनायेंगे. चुनावी शंखनाद के लिए अखिलेश रथ तैयार करवा ही चुके हैं. अगला चुनाव विकास बनाम भ्रष्टाचार होगा या फिर सरकार बनाम पार्टी. यह तय होना अभी बाकी है. साथ ही तुरुप का पत्ता कौन है इस पर भी सबकी नज़र है.


पढ़िये जिस दिन अखिलेश से प्रदेश अध्यक्ष पद लेकर शिवपाल सिंह को दे दिया गया.


तेवर तो यही बताते हैं कि बैकफुट पर नहीं हैं अखिलेश https://tahlkanews.com/akhilesh-attitude-speak-for-themselves-that-are-not-on-the-back-foot/113979

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