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112 वर्षों के बाद सूबे में खुलेगा यूनानी मेडिकल काॅलेज

 Girish Tiwari |  2016-12-30 17:41:55.0

akhilesh


तहलका न्यूज़ ब्यूरो
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष विभाग की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने बाबा राघवदास मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर में कैंसर रोगियों के इलाज के लिए 4.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित कोबाल्ट प्लाण्ट (टेलीथेरेपी एवं ब्रेकीथेरेपी) का लोकार्पण किया।


इन उपकरणों के माध्यम से मुख एवं गले तथा स्त्रियों में छाती एवं बच्चेदानी के कैंसर के इलाज के अलावा साँस एवं खाने की नली के कैंसर का इलाज आसानी से हो सकेगा। इससे अतिनिर्धन रोगियों के लिए पूर्णतया निःशुल्क एवं सामान्य रोगियों के लिए अति न्यूनतम इलाज की सुविधा मिलेगी।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री द्वारा मस्तिष्क, दिल की धमनियों तथा फेफड़े आदि की सभी प्रकार की बीमारियों की जांच हेतु गोरखपुर मेडिकल काॅलेज में 5.47 करोड़ रुपये से अधिक लागत से स्थापित सी0टी0 स्कैन मशीन का लोकार्पण भी किया गया।


फार्मेसी, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल से सम्बन्धित पाठ्यक्रम शुरू किए जाने के उद्देश्य से उन्होंने गोरखपुर मेडिकल काॅलेज परिसर में फार्मेसी, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग महाविद्यालय को भी जनता को सौंपने का कार्य किया। लगभग 8.16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस पैरामेडिकल महाविद्यालय के लिए आवश्यक पदों का सृजन किया जा चुका है। इससे पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को दूर किया जा सकेगा।

पूर्वांचल क्षेत्र में मस्तिष्क ज्वर, इंसेफेलाइटिस आदि रोगों का सर्वाधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ता है।


मुख्यमंत्री ने बच्चों के इलाज के लिए मेडिकल काॅलेज गोरखपुर परिसर में करीब 310 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जा रहे 500 बिस्तरों के अतिविशिष्ट बाल चिकित्सालय के ओ0पी0डी0 भवन का लोकार्पण किया। साथ ही, उन्होंने जनपद गोरखपुर में उच्चकोटि की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु एम्स की स्थापना को मूर्त रूप प्रदान करते हुए करीब 769 करोड़ रुपये मूल्य की 112 एकड़ भूमि को हस्तांतरित भी किया।


सीएम यादव ने देश में प्रचलित अत्यन्त प्राचीन यूनानी चिकित्सा पद्धति की आवश्यकता एवं महत्व को समझते हुए प्रदेश के तीसरे राजकीय यूनानी मेडिकल काॅलेज एवं चिकित्सालय का शिलान्यास किया। यह काॅलेज एवं चिकित्सालय जनपद बरेली में करीब 95 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 112 वर्षों के बाद किसी राजकीय यूनानी मेडिकल काॅलेज एवं चिकित्सालय की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही, उन्होंने समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना तथा प्रदेश के राजकीय कर्मचारियों/पेंशनरों को असाध्य तथा आपातकालीन बीमारियों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु कैशलेस योजना के अन्तर्गत राज्य स्वास्थ्य कार्ड का शुभारम्भ भी किया।


इस मौके पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री शिवाकान्त ओझा, राज्यमंत्री चिकित्सा शिक्षा राधेश्याम सिंह, मुख्य सचिव राहुल भटनागर, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डाॅ0 अनीता भटनागर जैन, ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली तथा विभिन्न राजकीय मेडिकल काॅलेजों के प्राचार्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


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