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अजित की सोनिया से गुपचुप मीटिंग, राज्यसभा के लिए मिल सकता है कांग्रेस का समर्थन

 Abhishek Tripathi |  2016-05-20 17:18:14.0

ajit-singhउत्कर्ष सिन्हा
लखनऊ. पहले नितीश कुमार फिर अमित शाह के साथ संभावनाएं टटोल चुके सियासत के सौदागर अजीत सिंह ने अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिल आए हैं। अजीत सिंह और सोनिया गांधी की मुलाकात सहारनपुर के कद्दावर कांग्रेसी नेता इमरान मसूद ने करवाई। बीते हफ्ते सोनिया से हुई इस गुपचुप मुलाकात में चौधरी अजीत सिंह ने कांग्रेस के सहयोग से राज्यसभा जाने की संभावनाओं पर बात की। कांग्रेस के 28 और रालोद के 9 वोट के मई जाने से अजीत का राज्यसभा जाना सुनिशश्चित हो सकता है। इसके बदले में विधान परिषद के लिए रालोद इमरान मसूद को समर्थन दे सकता है।


इस तात्कालिक लाभ के अलावा यह गठबंधन विधानसभा चुनावो में भी जाट मुस्लिम गठजोड़ के साथ एक ताकत बन कर उभरेगा। चरण सिंह के बनाए इस जाट मुस्लिम गठजोड़ को मुजफ्फरनगर दंगो के बाद झटका लगा था। जिसकी वजह से रालोद सारी सीटें हार गई थी। इमरान मसूद की पश्चिम की 10 से 12 सीटों के मुस्लिम वोटों पर पकड़ है। उपचुनावों में भी इमरान ने एक सीट पर कांग्रेस को जीत कर इसे पुख्ता किया था। जाट वोट पर अजीत सिंह की पकड़ से किसी को इंकार नहीं। ऐसे में अगर यह समझौता हो जाता है तो कांग्रेस को पश्चिम में संजीवनी मिल सकती है।


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अजीत सिंह को नितीश कुमार और अमित शाह ने भी राज्यसभा का ऑफर दिया था मगर साथ ही पार्टी के विलय की शर्त भी लगा दी थी। कांग्रेस ने फ़िलहाल इस तरह की कोई शर्त नहीं रखी है। यही अजीत को रास भी आ रहा है। वैसे भी आरक्षण को लेकर जाट समुदाय केंद्र की मोदी सरकार से खफा है और भाजपा के साथ जाने से अजीत की साख कमजोर होने का खतरा था। इसके साथ ही पश्चिमी यूपी के जाट भाजपाइयों ने भी अजीत के खिलाफ संघ से शिकायत की थी।


ऐसे में यदि अगर अजीत सिंह और कांग्रेस का गठजोड़ हो जाता है तो नितीश कुमार कांग्रेस के साथ जो चुनावी गठबंधन बनाना चाहते हैं, वह बन ही जायेगा और उसमें अजीत भी शामिल होंगे।

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