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UP में SP और RLD का होगा गठबंधन!

 Tahlka News |  2016-05-29 09:34:58.0

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तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
लखनऊ:
उत्‍तर प्रदेश में अगले साल होने वाले 2017 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के बीच गठबंधन हो सकता है। रविवार सुबह पहले सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री और मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव आरएलडी चीफ अजीत सिंह से मिलने उनके घर पहुंचे। मुलाकात के बाद जब शिवपाल सिंह बाहर निकले तो कहा कि इस मुलाकात में कुछ भी खास नहीं है। हम तो अक्सर मिलने आते हैं।


इसके कुछ देर बाद अजित सिंह सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से मिलने उनके घर पहुंचे। हालांकि, सूत्रों की माने तो अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार, अजित सिंह ने समाजवादी पार्टी के सामने खुद को राज्यसभा भेजने की शर्त रखी है।


यूपी विधानसभा में रालोद के 8 सदस्य हैं जबकि छोटी पार्टियों के 10 सदस्य हैं। उनमें छह नि‍र्दलीय हैं। इन सबको मिलाकर भी अजि‍त सिंह राज्यसभा नहीं जा सकते थे। ऐसे में उन्हें लंबे समय से समर्थन की जरूरत थी। कांग्रेस भी उन्हें समर्थन देने में सक्षम नहीं है क्योंकि कांग्रेस को कपिल सिब्बल को भेजने के लिए भी वोट की जरूरत है। ऐसे में अब सपा से गठबंधन होने के बाद अजीत सिंह राज्यसभा जा सकते हैं।


सूत्रों के अनुसार, अजीत सिंह का दोबारा से समाजवादी पार्टी के खेमे में आना तय है। सूत्रों का कहना है कि‍ अजि‍त सिंह को राज्यसभा भेजने के लिए मुलायम सिंह यादव अपने एक राज्यसभा कैंडिडेट की कुर्बानी देंगे। इसमें विशम्भर निषाद और रेवती रमण सिंह के नाम की चर्चा है। हालांकि अजि‍त सिंह के लिए कौन कुर्बानी देगा यह भविष्य बताएगा।


सपा की नजर पश्चिम यूपी के वोट बैंको पर सेंध लगाने की है, जिससे यूपी में सपा की दोबारा सरकार बना सकें। ये समाजवादी पार्टी का नया दांव है। वहीं, यूपी में कितनी सीटों पर आरएलडी के प्रत्याशी चुनाव लड़ेगें इसका फैसला अजीत सिंह और सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव करेंगे।


बताते चले कि 2012 के विधान सभा चुनाव में सपा और आरएलडी दोनों दलों को राज्य भर में कुल पड़े मतों का 31.46 फीसदी वोट मिला था। हालांकि जिन 46 सीटों पर आरएलडी ने अपने उम्मीदवार उतारे थे उनमें पार्टी को 20.05 फीसदी वोट मिला था इनमें से सभी सीटें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा को आरएलडी का साथ मिल जाता है तो समाजवादी पार्टी इस क्षेत्र में एक मज़बूत ताक़त बन सकती है। परंपरागत तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश सपा का मज़बूत इलाक़ा नहीं माना जाता है।


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