Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

अबु जुंदाल को उम्रक़ैद 

 Sabahat Vijeta |  2016-08-02 14:32:27.0

Abu jundal
मुम्बई. मकोका की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य और 26/11 के मुम्बई आतंकी हमले के साजिशकर्ता अबु जुंदाल और छह अन्य को 2006 के औरंगाबाद हथियार मामले में मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दो अन्य को उम्रकैद और तीन अन्य लोगों आठ-आठ साल कैद की सजा सुनाई गई। सभी दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।


विशेष मोकोका अदालत के न्यायाधीश एस.एल.अनेकर ने गत 28 जुलाई को 12 आरोपितों को दोषी ठहराया था, जिन्हें खचाखच भरी अदालत में मंगलवार को सजा सुनाई गई।


जिन लोगों को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है, उनमें अबु जुंदाल, मोहम्मद अमीर शकील अहमद, बिलाल अहमद अब्दुल रजाक, सैयद अकीफ एस. जफररुद्दीन, अफरोज खान शाहिद पठान, फैसल अताउर-रहमान शेख और एम. असलम कश्मीरी शामिल हैं।


दो अन्य दोषियों एम. मुजफ्फर मोहम्मद तनवीर और डॉ. एम. शरीफ शब्बीर अहमद को 14-14 साल जेल की सजा सुनाई गई है। आठ-आठ साल जेल की सजा पाने वाले तीन अन्य दोषियों में अफजल के. नबी खान, मुश्ताक अहमद एम. इसाफ शेख और जावेद ए. अब्दुल माजिद शामिल हैं।


सजा पाने वाले दोषियों में फैसल अताउर रहमान शेख को 11 जुलाई, 2006 को लोकल ट्रेन में हुए श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट मामले में पहले ही फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है।


मामले में कुल 22 आरोपित थे। जिनमें से आठ को सबूत के अभाव सहित कई अन्य कारणों से बरी कर दिया गया। बरी होने वालों में मोहम्मद जुबेर सैयद अनवर, अब्दुल अजीम अब्दुल जलील, रियाज अहमद एम. रमजान, खातिब इमरान अकील अहमद, वकार अहमद निसार शेख, अब्दुल समद शमशेर खान, मोहम्मद अकील इस्माइल मोमिन और फिरोज ताजुद्दीन देशमुख शामिल हैं।


सभी आरोपितों पर से महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम(मोकोका) के तहत लगाए गए कड़े आरोप हटा लिए गए थे और उन्हें भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं, गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम, विस्फोटक अधिनियम और शस्त्र कानून के तहत दंडित किया गया है।

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top