Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

500 और 1000 रुपये के नोट बिगाड़ देंगे सियासी गणित

 Sabahat Vijeta |  2016-11-08 15:47:41.0

rupees
शबाहत हुसैन विजेता


लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 500 और 1000 रूपये के नोटों पर अचानक प्रतिबन्ध लगाकर यूपी, हरियाणा और गुजरात सहित उन पांच राज्यों की सियासत पर ग्रहण लगा दिया है जहाँ चुनाव सर पर आ गए हैं और धन्ना सेठों ने चुनाव लड़ने की रक़म अपने ठिकानों पर बोरों और दीवानों के भीतर छुपा रखी है. यह रक़म इतनी बड़ी है कि इन्हें बैंकों में जमा कर इन्कम टैक्स विभाग से बच पाना संभव नहीं होगा.


500 और 1000 के नोटों पर प्रतिबन्ध दरअसल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और नकली नोटों की बढ़ती समस्या से बचने के मकसद से लगाया गया है. दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत ऐसा देश है जहाँ के बारे में यह माना जाता है कि जितना पैसा बैंकों में है उससे बहुत ज्यादा पैसा लोगों के पास कैश के रूप में मौजूद है. बैंक में तो वह पैसा रखा जाता है जिस पर टैक्स जमा होता है. लेकिन चुनाव लड़ने के लिए, बिल्डिंगें बनाने के लिए, ठेके लेने के लिए, रिश्वत देने के लिए और बिजनेस करने के लिए जो पैसा अपने पास रखा जाता है वह ज्यादातर 500 और 1000 के ही नोट होते हैं.


5000


बाबा रामदेव ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कई साल पहले ही यह कहा था कि 500 और 1000 के नोट बंद कर देना चाहिए. कम जगह में ज्यादा नोट आ जाने की वजह से रिश्वत वगैरह में यही बड़े नोट ही इस्तेमाल किये जाने की परम्परा है. चुनाव में खर्च होने वाली बेहिसाब राशि भी यही बड़े नोट ही होते हैं.


इस खर्चीले दौर में करोड़ों रूपये चुनाव में खर्च हो जाते हैं. चुनाव आम आदमी की पहुँच से बहुत दूर हो चुका है. एसोसियेशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म्स की रिसर्च में भी यह बात साफ़ हो चुकी है कि देश में सिर्फ 16 फीसदी बुद्धिजीवी ही चुनाव लड़ते हैं. चुनाव लड़ने वाले शेष 84 फीसदी लोग खनन या शिक्षा माफिया हैं. बिल्डिंग बनाने वाले और ठेकेदार हैं. जिन लोगों के पास बेहिसाब सम्पत्ति है वही चुनाव लड़ पाते हैं.


ब्लैक मनी रखने वाले अपने पास बड़े नोट ही रखते हैं. चुनाव सर पर हैं. तैयारियां अंतिम चरण में हैं. कई लोगों के टिकट भी फाइनल हो चुके हैं ऐसे समय में अचानक बगैर समय दिए हुए प्रधानमंत्री ने तुरंत 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने का एलान कर ऐसे लोगों की धडकनें बढ़ा दी हैं जिनके गोदामों में बेहिसाब धन भरा हुआ है. सरकार ने मौक़ा दिया है कि बैंकों में अपने गोदामों में भरे नोटों को नये नोटों से बदल लें.


प्रधानमंत्री ने हालांकि लोगों को यह छूट दी है कि वह 10 नवम्बर से 30 दिसंबर के बीच बैंक में 500 और 1000 के नोट जमा करा सकते हैं. जिन लोगों के पास मेहनत की कमाई है उनके लिए किसी किस्म की दिक्क़त नहीं है लेकिन जिनके पास बेहिसाब धन है वह बहुत जल्दी ढेर सारे रंगीन कागज़ के टुकड़ों में बदल जायेंगे.

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Top