Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

नसबन्दी कैंप में महिलाओ को बेहोशी का इंजेक्शन लगा कर डॉक्टर हुआ फरार

 Girish Tiwari |  2016-09-01 11:17:32.0

MAHARAJGANJ SWASTHYA KENDRA

जौनपुर : सूबे की स्वस्थ्य सेवाओ के बारे में भले ही लाख दावे किये जाते हो लेकिन जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही बयां करते है. भले ही अखिलेश सरकार स्वस्थ्य सेवाओ पर कई दावे करती हो. और भारी धन खर्च कर उनकी बेहतरी की बात करती हो, लेकिन सच तो कुछ और ही है! जौनपुर के महाराजगंज का प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र जहाँ नसबन्दी के लिए आयी 30 महिलाओ को बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर डॉक्टर फरार हो गये. दर्द से कराहती महिलाओ के लिए बाद में दूसरे डॉक्टर को बुलाया गया.


क्यों फरार हुए डॉक्टर और स्टाफ-


"बताया जा रहा है कि प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र में नसबन्दी कैंप लगाया गया था. इसमें डोभी के सर्जन डॉक्टर प्रवीण कुमार को सभी 30 महिलाओ की नसबंदी करना था. प्रवीण कुमार ने सभी 30 महिलाओ को शाम 5 बजे इंजेक्शन लगा दिया और उसके बाद उन्हे फर्श पर लिटा दिया गया. इसके बाद डॉक्टर ने मरीज़  इन्दु गौतम नाम की महिला का पेट फाड़ा और तकरीबन 8 बजे मशीन ख़राब होने की बात कहकर फरार हो गए. डॉक्टर प्रवीण का यह कृत्य देखकर अन्य डॉक्टर और कर्मचारी भी अस्पताल में ताला लगा फरार हो गए.


सभी के फरार होने के बाद क्या हुआ-

सभी डॉक्टर और कर्मचारियो के फरार होने के बाद महिलाओं के रोने और चीखने की आवाज़ सुन कर परिजन और आशा कार्यकर्ता दंग रह गये. कुछ समय के बाद देखते ही देखते अस्पताल के बाहर सैकड़ो की भीड़ इकठ्ठा हो गयी. इसके बाद ग्रामीणों ने सीएमओ और डीएम को फ़ोन करके घटना की सूचना दी.


सीएमओ और डीएम को सूचना देने के बाद भी देर रात तक नही पहुचे अधिकारी-

ग्रामीणों का कहना है की सीएमओ रविन्द्र कुमार और डीएम भानुचन्द्र गोस्वामी को सूचना दिए जाने के बावजूद भी कोई अधिकारी और स्वस्थ्य कर्मी नहीं पंहुचा. इसके बाद परिजनों ने रात 9:30 बजे उत्पात मचाना शुरु कर दिया, जिसको देखते हुए पुलिस को जाकर समझाना पड़ा. मौके पर पहुचे एसओ अरविन्द यादव ने महिलाओ के परिजनों को समझाया, जिसके बाद परिजन महिलाओं को घर ले गये.


सम्बंधित अधिकारियो का क्या है कहना-

इसके बाद डीएम भानुचन्द्र गोस्वामी ने सम्पूर्ण घटनाक्रम की जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौपने की बात कही है. सीएमओ रविन्द्र कुमार का कहना है की तकनीकि खामियों के चलते ऑपरेशन बंद करना पड़ा. जबकि देर रात दूसरे डॉक्टर को भेज कर ऑपरेशन शुरू करवा दिया गया था. सीएमओ ने बताया की मामले की जाँच की जा रही है दोषियों पर कार्यवाई की जाएगी.

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top