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यूपी-100 की 22 इनोवा रखेंगी 302 किलोमीटर लम्बे लखनऊ- आगरा एक्सप्रेस वे पर नज़र

 Sabahat Vijeta |  2016-12-17 13:53:07.0

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तहलका न्यूज़ ब्यूरो


लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नवनिर्मित लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस - वे पर यातायात का संचालन 23 दिसम्बर 2016 से शुरू होगा. इस सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक, आगरा, लखनऊ, कानपुर नगर, इटावा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, कन्नौज, औरैया, उन्नाव व हरदोई को पत्र के माध्यम से एक्सप्रेस - वे पर सुगम एवं सुरक्षित आवागमन के लिये व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं.


पुलिस महानिदेशक ने पुलिस अधिकारीयों से कहा कि लगभग 302 किलोमीटर लम्बाई वाले इस एक्सप्रेस - वे पर यातायात का नियमन, प्रबन्धन, यातायात नियमों का प्रवर्तन तथा वाहनों के सुगम एवं सुरक्षित आवागमन के लिये आवश्यक व्यवस्थायें करना जिला पुलिस के लिये अत्यन्त महत्वूर्ण है. सभी जनपदों में यूपी-100 की पुलिस आपातकालीन सेवा शुरू हो चुकी है. इस व्यवस्था के तहत सभी जनपदों को सघन गश्त के लिये पर्याप्त संख्या में वाहन एवं जनशक्ति उपलब्ध करायी गयी है.


आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे की यातायात व्यवस्थाओं के लिये डीजीपी ने कई ज़रूरी प्रबन्ध करने को कहा है. उन्होंने कहा है कि लखनऊ – एक्सप्रेस वे की औसतन 30 किलोमीटर की लम्बाई के लिये दोनों दिशाओं में अलग अलग एक-एक इनोवा वाहन की नियुक्ति करने को कहा है. इस प्रकार प्रत्येक 30 किलोमीटर की लम्बाई के लिये कुल 2 इनोवा वाहन नियुक्त किये जायेंगे. इस आधार पर विभिन्न जनपदों द्वारा इस एक्सप्रेस वे की यातायात प्रबन्धन के लिये नियुक्त किये जाने वाले वाहनों का विवरण इस तरह से होगा.


डीजीपी ने बताया कि आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, लखनऊ और कानपुर नगर में दो-दो इनोवा (यूपी-100) को तैनात किया जायेगा. इसके अलावा कन्नौज में 6 और उन्नाव में 4 इनोवा गाड़ियाँ तैनात रहेंगी. यह गाड़ियाँ लखनऊ- आगरा एक्सप्रेस वे पर सुरक्षित यातायात की व्यवस्था करेंगी. इस तरह से लखनऊ से आगरा तक के 302 किलोमीटर के रास्ते में 22 इनोवा गाड़ियाँ सुरक्षित यातायात की व्यवस्था करेंगी.


पुलिस महानिदेशक ने बताया कि यह वाहन जनपद को यूपी-100 परियोजना में प्रदान किये गये वाहनों में से ही लिये जायेंगे. इस लिये चिन्हित संख्या में वाहनों का बेस-स्टेशन अपने जनपद में एक्सप्रेस- वे पर उचित स्थान पर चिन्हित कर लिया जाये. इन वाहनों की पेट्रोलिंग के लिये रूट केवल एक्सप्रेस- वे ही होगा.


इन सभी बेस स्टेशनों का निर्माण यूपिडा द्वारा कराया जायेगा. इन बेस स्टेशनों पर वायरलेस सेट तथा स्थानीय थाने का एक प्रतिनिधि लगातार उपलब्ध रहेगा. किसी भी घटना में आपातकालीन सहायता यूपी-100 के वाहन द्वारा प्रदान की जायेगी. घटना में विधिक कार्यवाही सम्बन्धित क्षेत्राधिकार के थानों द्वारा ही की जायेगी.


एक्सप्रेस वे पर लगने वाले वाहनों में जनपद में उपलब्ध यातायात प्रवर्तन उपकरण जैसे ब्रेथइनलाइजर, स्पीड राडार आदि उपलब्ध कराया जायेगा. उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक प्रत्येक बेस स्टेशन पर जिलाधिकारी से सम्पर्क कर 108 सेवा की एक एम्बुलेन्स को भी स्थापित कराने की व्यवस्था करायेंगे जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में आकस्मिक चिकित्सीय सहायता प्रदान करायी जा सके.


डीजीपी ने निर्देश दिया है कि जनपद में पड़ने वाले एक्सप्रेस वे के सम्पूर्ण मार्ग का स्थल निरीक्षण करा लिया जाये तथा दुघर्टनाओं के सम्भावित कारणों को चिन्हित करते हुए उन्हें रोकने के लिये समस्त उपाय कराये जायें. इन उपायों में लेन मार्किंग, एक्सेस कन्ट्रोल, बैरियर, फ्लैश लाइट जैसे उपाय हो सकते हैं. सभी व्यवस्थायें 22 दिसम्बर तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करा ली जायें. एक्सप्रेस वे पर सुगम संचालन तथा वाहनों के सुरक्षित आवागमन के लिये सभी आवश्यक व्यवस्थायें की जायें.

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